जिस स्कूल में बच्चे पढ़ रहे थे, वहीं अचानक शिक्षक पर गिरा पंखा… हादसे के बाद खुली जर्जर भवन की पूरी कहानी

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महासमुंद : जिले में एक जर्जर सरकारी स्कूल भवन में पढ़ाई कराने को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। बागबाहरा विकासखंड के ग्राम हरनादादर स्थित शंकरपारा प्राथमिक शाला में छत पर लगा पंखा अचानक प्रधानपाठक के ऊपर गिर गया। हादसे में प्रधानपाठक टीकमचंद निषाद के सिर और नाक पर चोट आई है। उन्हें उपचार के लिए बागबाहरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हादसे के बाद स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को आनन-फानन में पास के आंगनबाड़ी केंद्र में शिफ्ट कर दिया गया। घटना के बाद स्कूल भवन की जर्जर स्थिति और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

जर्जर भवन में पढ़ रहे थे 18 बच्चे

बताया जा रहा है कि तीन कमरों वाले इस प्राथमिक स्कूल भवन की हालत काफी खराब है। इसके बावजूद कक्षा पहली से पांचवीं तक के 18 बच्चों की पढ़ाई इसी भवन में संचालित हो रही थी।

इसी दौरान स्कूल की छत पर लगा पंखा अचानक प्रधानपाठक टीकमचंद निषाद के ऊपर आ गिरा। हादसे में उनके सिर और नाक पर चोट आई। घटना के वक्त यदि पंखे की चपेट में कोई बच्चा आ जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

हादसे के बाद बच्चों को आंगनबाड़ी में किया शिफ्ट

घटना के बाद घायल प्रधानपाठक को तत्काल बागबाहरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह रही कि पंखे की चपेट में कोई बच्चा नहीं आया।

हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन और प्रशासन ने बच्चों को पास के आंगनबाड़ी केंद्र में शिफ्ट कर दिया। इससे पहले बच्चे इसी जर्जर भवन में पढ़ाई कर रहे थे।

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अब उठ रहे ये बड़े सवाल

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि स्कूल भवन की स्थिति जर्जर थी तो वहां बच्चों की कक्षाएं क्यों संचालित की जा रही थीं? क्या भवन की स्थिति को लेकर पहले कोई शिकायत या निरीक्षण हुआ था? अगर भवन सुरक्षित नहीं था तो बच्चों और शिक्षकों को वहां बैठाने की अनुमति कैसे दी गई?

घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच की बात कही

मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने जर्जर भवन में स्कूल संचालन की स्थिति की जांच कराने की बात कही है। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि स्कूल भवन की स्थिति को लेकर पहले से कोई जानकारी संबंधित अधिकारियों के पास थी या नहीं और यदि थी तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

फिलहाल बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र में शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं, शिक्षक के घायल होने की घटना के बाद स्कूल भवन की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी तय करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग उठ रही है।

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