कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: प्रीति पवार और अंकुश पंघाल ने फाइनल में बनाई जगह, भारत के दो और मेडल पक्के

Spread the love

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 9वां दिन भारतीय एथलीट्स के लिए अब तक काफी अच्छा रहा है। भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार (54 किग्रा) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराकर 31 जुलाई 2026 को कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में जगह बना ली है। एशियन गेम्स की कांस्य पदक विजेता 22 वर्षीय प्रीति पवार ने इस मुकाबले के दौरान शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा। वहीं अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 (किग्रा) सेमी-फाइनल में कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराया। उन्होंने भी फाइनल में पहुंचकर एक मेडल पक्का कर लिया है।

प्रीति पवार के सामने बेबस नजर आई कैथरीन म्वापे
भिवानी की रहने वाली प्रीति पवार ने अपने सटीक पंचों और बेहतरीन काउंटर-अटैक से कैथरीन म्वापे पर लगातार दबाव बनाए रखा। अब फाइनल में उनका मुकाबला कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो से होगा, जिन्होंने दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को 4-1 से हराया। पूरे मैच के दौरान कैथरीन म्वापे अच्छे पंच मारने के लिए तरसती रहीं, जबकि प्रीति के सधे हुए पंचों का उनके पास कोई जवाब भी नहीं था। पहले दो राउंड में ही जाम्बिया की इस मुक्केबाज को तीन बार ‘एट काउंट’ का सामना करना पड़ा, जो यह साफ दिखाता है कि मैच में प्रीति पवार का एकतरफा दबदबा था।

ये भी पढ़े :कोरबा में शराब दुकान के खिलाफ महिलाओं का बड़ा आंदोलन! आबकारी टीम को घेरकर किया जोरदार विरोध

अंकुश पंघाल ने भी सेमीफाइनल में जोशुआ ओफोरी को दी मात
अंकुश पंघाल की बात करें तो उन्होंने मेंस के 80 (किग्रा) सेमी-फाइनल में कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 के फैसले से हराया। इस दौरान सभी जज ने अंकुश के हक में अपना फैसला सुनाया। कनाडाई मुक्केबाज के खिलाफ इस जीत के साथ ही वे कम से कम सिल्वर मेडल पक्का करने वाले आज के दिन के दूसरे भारतीय मुक्केबाज बन गए हैं। मैच में कनाडाई बॉक्सर अंकुश के आक्रामक हमलों के आगे बेबस नजर आए और बार-बार खुद को बचाने की कोशिश करते दिखे। अंकुश ने पूरे संयम के साथ सटीक पंच लगाते हुए मुकाबला अपने नाम किया और भारत के लिए एक और पदक पक्का कर दिया। अब फाइनल में उनकी नजरें गोल्ड मेडल जीतने पर रहेंगी।

फाइनल में पहुंचने के बाद प्रीति ने क्या कहा?
न्यूज एजेंसी PTI के हवाले से प्रीति ने जीत के बाद कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि जिस तरह की तैयारी की थी, उसे रिंग में उतारने में सफल रही। अब मेरा पूरा ध्यान गोल्ड मेडल जीतने पर है और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगी। उन्होंने कहा कि मैं किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेती। अपने कोच के साथ हर मुकाबले की पूरी तैयारी करती हूं और खुशी है कि उन प्लान्स के तहत बॉक्सिंग रिंग में अपने खेल पर काम कर पा रही हूं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *