बिलासपुर : आय से अधिक संपत्ति के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर ने बर्खास्त आरक्षक संतोष कुमार राठौर के खिलाफ विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया है। सोमवार को ACB ने यह कार्रवाई विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) बिलासपुर के न्यायालय में की।
ACB के अनुसार, संतोष कुमार राठौर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की जानकारी मिलने के बाद अपराध क्रमांक 57/2024 दर्ज किया गया था। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया।
1 दिसंबर 2024 को ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
मामले की जांच के दौरान 1 दिसंबर 2024 को ACB ने बिलासपुर स्थित आरोपी के निवास सहित अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद आरोपी की आय, व्यय और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के साथ अन्य साक्ष्यों की जांच की गई।
ACB की जांच में आरोपी की कुल आय ₹46,08,341 और कुल व्यय ₹62,28,137 पाया गया। इस तरह आय की तुलना में ₹16,19,796 अधिक खर्च होना सामने आया।
ACB का कहना है कि विवेचना के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आय से अधिक संपत्ति रखने से संबंधित अपराध प्रमाणित पाए गए। इसके बाद अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया।
गांजा तस्करी और वसूली का भी आरोप
संतोष कुमार राठौर पूर्व में जीआरपी बिलासपुर में आरक्षक के पद पर पदस्थ था। उसके खिलाफ अन्य आरक्षक साथियों के साथ मिलकर ट्रेन में गांजा तस्करी करने वालों से संबंधित गंभीर आरोपों में भी मामला दर्ज किया गया था।
आरोप है कि गांजा तस्करी करने वालों को पकड़ने के बाद गांजा अपने पास रख लिया जाता था और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं करने के एवज में उनसे कथित तौर पर पैसे की वसूली की जाती थी।
इस मामले में जीआरपी थाना बिलासपुर में अपराध क्रमांक 117/2024 दर्ज किया गया था। प्रकरण में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20बी और 29 के तहत कार्रवाई की गई। बाद में मामले की अग्रिम विवेचना एसीसीयू जिला बिलासपुर को सौंपी गई।
विवेचना पूरी होने के बाद एसीसीयू ने आरोपी के खिलाफ चालान क्रमांक 46-ए/2024 विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट बिलासपुर के न्यायालय में पेश किया था।
जेल में बंद है आरोपी, सेवा से किया जा चुका है बर्खास्त
एनडीपीएस मामले में संतोष कुमार राठौर वर्तमान में बिलासपुर जेल में बंद है। वहीं आपराधिक आचरण के आरोपों के चलते पुलिस अधीक्षक रेल छत्तीसगढ़ ने 19 नवंबर 2024 को उसे सेवा से पृथक कर दिया था।
अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में ACB द्वारा विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किए जाने के बाद आरोपी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय में होगी।




