बेमेतरा टेकेश्वर दुबे : दिनांक 04 अक्टूबर 2026 को प्रार्थिया तीजन वर्मा पति पुनेश्वर वर्मा उम्र 20 साल साकिन ग्राम जेवरा एस पुलिस चौकी संबलपुर थाना नवागढ़ जिला बेमेतरा द्वारा थाना नवागढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 03 अक्टूबर 2026 को उसके सास-ससुर एवं देवर मरनी कार्यक्रम में ग्राम दलपुरवा, जिला मुंगेली गए हुए थे तथा उसका पति पुनेश्वर वर्मा दोपहर करीब 12:30 बजे बकरियां चराने गांव के तालाब की ओर चला गया था। इस दौरान वह घर में अकेली थी। प्रार्थीया का पूर्व में दो बार गर्भ ठहरकर गर्भपात हो गया था। माह फरवरी 2026 में वह पूनः तिसरी बार गर्भ में थी,जो गर्भ ठहरने के दो माह के पूर्व ही पूनः गर्भपात होने से प्रार्थीया अपने आप को परिवार वाले गलत न समझे कहकर गर्भ से होना बताई थी। प्रार्थिया ने रिपोर्ट में बताया कि उसके घर में प्रसव होने के बाद दो अज्ञात महिलाएं नवजात शिशु को अपने साथ ले गईं। उक्त रिपोर्ट पर थाना नवागढ़ में अपराध क्रमांक पंजीबद्ध कर धारा 137(2), 3(5) बीएनएस के तहत विवेचना में लिया गया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक (SP) श्री त्रिलोक बंसल (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में अति. पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव, एसडीओपी बेमेतरा भुषण एक्का, थाना प्रभारी नवागढ निरीक्षक दुलेश्वर चंद्रवंशी, चौकी प्रभारी संबलपुर सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार क्षत्री, थाना व चौकी पुलिस टीम के साथ पहुचकर घटना स्थल का मुआयना किया। मामले कि गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम को बुलाया गया । जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की गंभीरता को मद्देनजर रखते हुए पुलिस महानिरीक्षक महोदय दुर्ग रेंज (IGP) श्री अभिषेक शांडिल्य (भा.पु.से.) के सतत मॉनिटरिंग एवं पुलिस अधीक्षक (SP) श्री त्रिलोक बंसल (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अति. पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव के मार्गदर्शन में एसडीओपी बेमेतरा श्री भुषण एक्का के नेतृत्व में एक टीम गठित कर अपराध के गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी नवागढ निरीक्षक दुलेश्वर चंद्रवंशी, चौकी प्रभारी संबलपुर सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार क्षत्री, थाना व चौकी पुलिस टीम को दो अज्ञात महिलाओं और नवजात बच्चा की पता साजी हेतु लगाया गया।
प्रकरण में विवेचना के दौरान एवं परीस्थितिजन्य साक्ष्य के अधार पर प्रकरण में परिजन एवं आसपास के लोगो से पुछताछ की गई। मौके पर लगातार पुलिस टीम की मौजूदगी एवं दो अज्ञात महिला आरोपियों के बारे में पूछताछ करने पर अन्य कई ऐसी बाते उजागर हुई जो संदेह को जन्म देती थी।
पुलिस अधीक्षक (SP) त्रिलोक बंसल (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अति. पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव के मार्गदर्शन में एसडीओपी बेमेतरा श्री भुषण एक्का के नेतृत्व में जो टीम गठित हुई थी उनका मौके पर लगातार बने रहने एवं वैज्ञानिक तथा पुरानी पद्धति से मौके को ना छोड़ना लगातार दो अज्ञात महिलाओं और नवजात बच्चा के संबंध में पूछताछ करते रहना और दो अज्ञात महिलाओं की पता साजी हेतु उसके रिश्तेदार परिवार, गांव आदि के यहां लगातार पुलिस के पुछताछ करने से पुलिस का दबाव बना।
पुलिस के लगातार प्रयास , घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण करने एवं गठित टीम की मदद से प्रकरण में विवेचना के दौरान सामने आया कि विवाह के पश्चात प्रार्थिया दो बार गर्भवती हुई थी, लेकिन दोनों बार गर्भपात हो गया था। इसके बाद फरवरी 2026 में तीसरी बार गर्भ ठहरने तथा पुनः गर्भपात होने के कारण परिवार के लोग उसे गलत न समझें, इस आशंका से उसने स्वयं को गर्भवती होना बताया था। परिवार वालों को गर्भवती होने का विश्वास दिलाने के लिए वह साड़ी को दोहरा मोड़कर पहनती थी, जिससे उसका पेट गर्भवती महिला की तरह दिखाई दे।
दिनांक 03 अक्टूबर 2026 को परिवार के सभी सदस्यों के घर से बाहर होने पर प्रार्थिया ने अपने शरीर पर आलता-माहुर रंग डालकर प्रसव होने जैसी स्थिति दर्शाई। पति के घर लौटने पर उसने बताया कि पेट में दर्द होने के कारण वह गली के दरवाजे के पास गई थी, जहां एक अज्ञात महिला खड़ी थी। उसके द्वारा मदद के लिए बुलाने पर उक्त महिला एक अन्य अज्ञात महिला के साथ आई और दवा पिलाकर प्रसव कराने के बाद बच्चे को अपने साथ ले गई। इस प्रकार प्रार्थिया ने परिजनों को दो अज्ञात महिलाओं द्वारा प्रसव कराकर बच्चा ले जाने की झूठी कहानी बताई तथा इसी आधार पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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विवेचना के दौरान प्रार्थिया से पूछताछ की गई। प्रार्थिया ने अपने माता-पिता, सास-ससुर, पति एवं ग्राम के अन्य लोगों की उपस्थिति में स्वीकार किया कि पूर्व में लगातार तीन बार गर्भ ठहरने एवं गर्भपात होने के कारण परिवार वालों के गलत समझने की आशंका से उसने गर्भवती होने की झूठी बात बताई थी। उसने यह भी स्वीकार किया कि उसका प्रसव नहीं हुआ था तथा किसी महिला द्वारा प्रसव कराकर बच्चे को ले जाने की घटना भी नहीं हुई थी।
प्रार्थिया का चिकित्सकीय परीक्षण एवं आवश्यक जांच कराई गई। चिकित्सकीय रिपोर्ट के अनुसार, घटना दिनांक 03 अक्टूबर 2026 से लगभग 04-05 सप्ताह पूर्व तक गर्भवती होने अथवा प्रसव होने की पुष्टि नहीं हुई।
संपूर्ण विवेचना एवं चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट हुआ कि प्रार्थिया ने स्वयं को गर्भवती बताने तथा प्रसव के बाद दो अज्ञात महिलाओं द्वारा नवजात शिशु को ले जाने की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूछताछ के दौरान प्रार्थिया ने भी अपनी गलती स्वीकार की।
प्रार्थिया महिला द्वारा झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने पर उनके विरूद्ध इस्तगाशा तैयार कर बीएनएस के धारा 217 में कार्यवाही की गई।
बेमेतरा पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी घटना के संबंध में पुलिस को सही एवं तथ्यात्मक जानकारी दें तथा झूठी सूचना या मिथ्या रिपोर्ट दर्ज कराने से बचें।
इस संपूर्ण कार्रवाई में एसडीओपी बेमेतरा भुषण एक्का के नेतृत्व में थाना प्रभारी नवागढ निरीक्षक दुलेश्वर चंद्रवंशी, साइबर सेल प्रभारी मयंक मिश्रा,चौकी प्रभारी संबलपुर सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार क्षत्री, प्रशिक्षु उप निरीक्षक कल्पना महंत, प्रधान आरक्षक अनुपमा दुबे, प्रधान आरक्षक गौरी शंकर शर्मा, आरक्षक साधराय कौशल, जितेन्द्र धनकर, राहुल दुबे, ओंकार निर्मलकर सहित थाना व चौकी, सायबर पुलिस टीम का महत्वपूर्ण भूमिका रही।




