मुखिया के मुखारी – बाबा वक्त मौन रहने का नही,बोलने का है
मुखिया के मुखारी – बाबा वक्त मौन रहने का नही,बोलने का है
मोर गांव अउ तोर सहर के खबर, छत्तीसगढ़ के हर गढ़ के खबर
मुखिया के मुखारी – बाबा वक्त मौन रहने का नही,बोलने का है
मुखिया के मुखारी – पूर्व भाग्य विधाताओं के कुकर्मों ने बिगाड़ा छत्तीसगढ़ का भाग्य
मुखिया के मुखारी – गौशालाओं से दुर्गध यदुवंशियों कों नहीं कसाईयों कों आती है
मुखिया के मुखारी – पब्लिक है ,पब्लिक सब जानती है…
मुखिया के मुखारी – जिसकी मांग भरी उसका ही मान रख लेते…
मुखिया के मुखारी –गोडसे और उस जैसे हत्यारे हैं,तों फिर औरंगजेब क्या ?
मुखिया के मुखारी –आपकों छत्तीसगढ़ की नियती बदलनी है
मुखिया के मुखारी – होली वक्फ की रार कितना बढ़ाऐगी दरार
मुखिया के मुखारी – उन्हीं चिंगारियों का खेल खेलना छोड़िये
मुखिया के मुखारी –कौन है वों पिता (नेता ) जिसे औरंगजेब जैसा पुत्र चाहिए ?