मुखिया के मुखारी – सुशासन शब्द नहीं व्यवस्था है
मुखिया के मुखारी – सुशासन शब्द नहीं व्यवस्था है
मोर गांव अउ तोर सहर के खबर, छत्तीसगढ़ के हर गढ़ के खबर
मुखिया के मुखारी – सुशासन शब्द नहीं व्यवस्था है
मुखिया के मुखारी -सूदखोर के बनोगे नाथ ,अपनों को करोगे अनाथ,ये नहीं चलेगा
मुखिया के मुखारी – पूत कपूत तो क्या धन संचय,पूत सपूत तो……
मुखिया के मुखारी – लाली मेरे लाल की,जित देखूँ तित लाल….
मुखिया के मुखारी – स्वाभिमान छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा है
मुखिया के मुखारी -बिना आत्मसात किए कैसे साथ छत्तीसगढ़ का मिलेगा
मुखिया के मुखारी – मान किसी का न टूटे, सम्मान सबका बना रहे
मुखिया के मुखारी -भारत माँ के रतन बेटा मै बढ़िया -में छत्तीसगढ़िया अऊँगा
मुखिया के मुखारी -जो अपनी कमी से नही सीखते वों सदैव कमतर ही रहतें हैं
मुखिया के मुखारी – कलमवीर अब दस्यु सरदार बन गए