रुवाड़ में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन सफल — नए भवन का प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन
परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद: छुरा विकासखंड के ग्राम रुवाड़ में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन की मांग को लेकर ग्रामीणों, पालकों एवं क्षेत्रवासियों द्वारा चलाया गया सात दिवसीय संघर्ष आखिरकार रंग लाया। लगातार धरना-प्रदर्शन और अपनी मांग को लेकर ग्रामीणों की एकजुटता के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय के लिए चार अतिरिक्त कमरों की स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही विद्यालय के लिए नए भवन निर्माण का प्रस्ताव पुनः शासन को भेजने का आश्वासन भी दिया गया है।विद्यालय भवन की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले कई दिनों से आंदोलनरत थे। ग्रामीणों और पालकों का कहना था कि विद्यालय भवन के अभाव में विद्यार्थियों को अध्ययन-अध्यापन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने सात दिनों तक लगातार धरना देकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने बारिश और अन्य परेशानियों के बावजूद अपनी मांग को लेकर संघर्ष जारी रखा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी ग्रामीणों और पालकों ने अपनी मांग के समर्थन में धरना जारी रखते हुए शासन-प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाई। आंदोलन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी सहयोग मिला।आंदोलन के परिणामस्वरूप जिला प्रशासन ने ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक पहल की। जिला कलेक्टर के अनुमोदन के पश्चात जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा लिखित रूप में विद्यालय के लिए चार अतिरिक्त कमरों की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा भविष्य में विद्यालय के लिए नए भवन निर्माण का प्रस्ताव शासन को पुनः भेजने का आश्वासन भी दिया गया है।
ग्राम पंचायत रुवाड़ के सरपंच विजयकृष्ण नागेश ने इस सफलता के लिए समस्त ग्रामवासियों, पालकों एवं क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि ग्रामीणों की एकजुटता, संघर्ष और निस्वार्थ प्रयासों की जीत है।सरपंच ने आंदोलन में सहयोग देने वाले सभी संघर्षशील साथियों, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार बंधुओं तथा सुरक्षा व्यवस्था में तैनात गरियाबंद जिला पुलिस के जवानों का विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से ग्रामीणों की समस्या शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंची, वहीं पुलिस जवानों ने आंदोलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के प्रति भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए चार अतिरिक्त कमरों की स्वीकृति देना संघर्ष की पहली बड़ी उपलब्धि है। अब ग्रामीणों की उम्मीदें नए विद्यालय भवन के प्रस्ताव पर टिकी हैं।ग्रामीणों का कहना है कि चार अतिरिक्त कमरों की स्वीकृति से विद्यार्थियों को तत्काल राहत मिलेगी, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विद्यालय के लिए पूर्ण नए भवन का निर्माण आवश्यक है। इसलिए शासन स्तर पर भेजे जाने वाले प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद ग्रामीणों ने जताई है।सात दिनों के संघर्ष के बाद मिली यह स्वीकृति रुवाड़ के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत और एकजुटता की जीत मानी जा रही है। अब सबकी निगाहें नए विद्यालय भवन के प्रस्ताव पर शासन के निर्णय पर टिकी हैं।

